
देहरादून। दूधली के जंगल में मिले संदिग्ध युवक के शव का मामला हत्या निकला। पुलिस ने हत्या के आरोप में मृतक के चचेरे भाई को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
थाना क्लेमेन्टाउन को वन विभाग के कर्मियों ने टेलीफोन के माध्यम से सूचना दी गई कि दूधली चौकी के सामने जंगल के अन्दर एक व्यक्ति मृत अवस्था में पड़ा था, जिसे उसके परिजन घर ले गए। मृतक के विषय में जानकारी करने पर मृतक की पहचान अमित कुमार निवासी दूधली के रूप में हुई। सूचना पर पुलिस द्वारा तत्काल मौके पर जाकर घटना के सम्बन्ध में जानकारी ली गई तथा मृतक के शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा कि कार्यवाही कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। युवक के चेहरे व सर पर आई चोटों को देखकर परिजनो तथा स्थानीय व्यक्तियों ने किसी जंगली जानवर के हमले में अमित उपरोक्त की मृत्यू होने की आशंका जताई गई, परन्तु मृतक की चोटों से उक्त घटना संदिग्ध प्रतीत हो रही थी।
घटना की संदिग्धता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने थानाध्यक्ष क्लेमेन्टाउन को घटना की विस्तृत जांच कर सत्यता का पता लगाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। जिस पर घटना की विस्तृत जांच के लिए पुलिस टीम ने घटना स्थल का निरीक्षण किया गया तो किसी जानवर द्वारा हमला किये जाने के सम्बन्ध में कोई साक्ष्य मौके से प्राप्त नहीं हुए। परिजनों व आस-पास के लोगो से पूछताछ में घटना के दिन मृतक का उसके तीन अन्य दोस्तों राजेंद्र उर्फ़ राजन , सुनील व मुकेश, जो मृतक का चचेरा भाई है के साथ दिन के समय दूधली स्थित जंगल की तरफ जाना तथा रात्रि में उसके साथ गये अन्य लोगों का वापस अपने घरों में आना ज्ञात हुआ। घटना के सम्बन्ध में मृतक की बहन श्रीमती दीपा देवी द्वारा अज्ञात व्यक्ति के विरूद्ध उसके भाई की हत्या किये जाने के सम्बन्ध में थाना क्लेमेन्टाउन पर प्रार्थना पत्र दिया गया। जिस पर थाना क्लेमेन्टाउन में हत्या का मामला दर्ज किया गया। अभियोग की विवेचना के दौरान मृतक के साथ गये उसके तीनों दोस्तों को चौकी दूधली पर बुलाकर पुलिस ने अलग-अलग पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान मृतक के चचेरे भाई मुकेश कुमार की बातों पर संदिग्धता प्रतीत होने पर पुलिस ने सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपने चचेरे भाई अमित कुमार की हत्या करना स्वीकार किया गया। जिसे मौके से गिरफ्तार करते हुए उसकी निशानदेही पर घटनास्थल के पास से घटना में इस्तेमाल किया गया आलाक़त्ल पत्थर व घटनास्थल से कुछ दूर खून लगे लोअर और चप्पलों को बरामद किया गया।
पूछताछ में अभियुक्त मुकेश कुमार द्वारा बताया गया कि वह कारपेंटर का कार्य करता है 21 जनवरी को मृतक अमित अपने 2 अन्य दोस्तों राजन और सुनील के साथ जंगल में पार्टी करने गया था, दोपहर बाद सुनील ने उसे फोन कर जगल में बुलाया, जहां उन चारों ने एक साथ बैठकर शराब पी शाम के समय करीब 5 बजे राजेन्द्र अपने घर चला गया तथा उसके कुछ देर बाद ही सुनील भी मौके से अपने घर को चला गया। इस बीच मृतक अमित के मोबाइल पर किसी का फोन आया तथा अमित द्वारा अभियुक्त मुकेश पर उक्त व्यक्ति से बात करने के लिये जोर देने लगा। जिस पर उन दोनो आपस में विवाद हो गया तथा मृतक अमित ने आरोपी मुकेश से गाली गलौच करने पर आरोपी मुकेश ने मृतक अमित को नीचे गिराते हुए पास पडे एक बडे पत्थर से उसके सर पर 3-4 वार कर उसकी हत्या कर दी तथ मौके पर पडी शराब की बोतल को फोडकर उसके कांच से मृतक के चेहरे व सर के पिछले हिस्से में गहरे घाव बना दिये, जिससे कि किसी जानवर के हमले से अमित की मृत्यू होना दर्शाया जा सके। उसके पश्चात आरोपी अपने खून लगे हुए लोअर तथा चप्पलों को पकडे जाने के डर से घटना स्थल थोडी दूरी पर ही छिपा दिया तथा वापस अपने घर आकर सो गया। सुबह जब मृतक के परिजनो द्वारा उसकी लाश जंगल में पडी होने की सूचना मिली तो आरोपी भी परिजनो तथा गांव वालों के साथ मौके पर गया तथा लोगों से अत्यधिक जोर देकर अमित की मृत्यू जंगली जानवर के हमले से होने की बात कहने लगा।